श्याम


मैंने रंग लीनी पीली चुनरिया श्याम तेरे नाम की
मन रंग लीना तेरे प्रेम में ये दुनियाँ किस काम की
रोके है मोहे सगरी नगरिया राग -द्वेष  बेकाम  से
सुने मन में महल बनाया और पूजा की तेरे नाम की
........... अरु 

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